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मियाँ मल्हार - अत धूम धूम धूम

Tuesday, 4 June 2013

रचना - क़ुतुब बक्ष 'तानरस ख़ान'
राग - मियाँ मल्हार
ताल - द्रुत एकताल


स्थायी
अत धूम धूम धूम
अत आयी बदरीया
उमड़ घुमड़ गरज गरज
बरसन को लागी ॥

अंतरा
पी पी करत पपीहा
तरसन लागे मोरा जियरा
'तानरस ख़ान'
ओ मोरे डिंगवा ॥

लिपिबद्ध स्वर
x 0 ३ 0 ५ ६
म रे
अ त
ऩी S ध̣ ऩी S ऩी सा S सा S ऩी प
धू S म धू S म धू S म S अ त
रे S S रे S सा रे प ग म
आ S S यी S ब द रि या S
प म प प नी ध नी सां नी सां नी सां
उ म ड़ घु म ड ग र ज ग र ज
नी रें सां नी प म रे S सा S
ब र स न को S ल S गी S
म S प S प नी ध नी सां नी सां S
पी S पी S क र त प पी S हा S
प नी ध नी सां सां नीरें सां S ध नी प
त र स न ला गे मो रा S जि य रा
म S रे प प नी ध नी नी सां S
- ता S न र स ख़ा S आS S न S
रें सां नी प म रे सा S S
- ओ मो रे डिं ग वा S S S

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