Pages

मियाँ मल्हार - उमड़ घुमड़ घन गरजे बदरा

Sunday, 16 June 2013

राग - मियाँ मल्हार
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
उमड़ घुमड़ घन गरजे बदरा
कारे का अत ही मोरी डरी
अदी अदी खली खली मा रूम झूम ॥

अंतरा
उमड़ घुमड़ घन गरजे बदरा
चमक चमक चमके बिजलिया
चलत पवन पुरमाये रूम झूम ॥


लिपिबद्ध स्वर
X २ 0 ४
ऩी सा रे सा ऩी सा ऩी ध̣
उ म ड़ घु म ड़ घ न
म̣ प̣ ऩी ध̣ ऩी ऩी सा S सा S रे सा रे प म प
ग र जे S ब द रा S का S रे S का S S S
रे म रे प S प म प म रे म रे प प मनी प
अ त ही मो S री ड री अ दी अ दी ख ली ख ली
ग S S म S रे सा सा
मा S S रू S म झू म
प प प प प प नी ध
उ म ड़ घु म ड़ घ न
म प नी ध नी नी सां S नी नी ध नी नी सां नी सां
ग र जे S ब द रा S च म क च म क च म
नीसां रें नी सां नी नी म प रे म रे प प प म प
के S बि S ज लि या S च ल त प व न पु र
प नीनी सां ग S म रे सा
मा S ये रू S म झू म

Read more...

पंढरी निवासा सख्या पांडुरंगा

Saturday, 8 June 2013

साहित्य-नामदेव


पंढरी निवासा सख्या पांडुरंगा ।
करी अंग संगा, भक्‍ताचिया ॥

भक्‍त कैवारीया होसी नारायणा ।
बोलता वचन काय लाज ॥१॥

मागे बहुतांचे फेडियले ऋण ।
आम्हासाठी कोण आली धाड ॥२॥

वारंवार तुज लाज नाही देवा ।
बोल रे केशवा म्हणे नामा ॥३॥

Read more...

तोडि - लंगर कांकरिया जी ना मारो

Friday, 7 June 2013

राग - तोडि
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
लंगर कांकरिया जी ना मारो मो पे
अंगवा लग जावे ॥

अंतरा
सुन पावे मोरी सास ननदिया
दौड़ी दौड़ी चला आवे ॥

लिपिबद्ध स्वर
X २ 0 ४
म́ ग म́
लं ग र
ध S ध ध प म́ प ध प S प रे ग रे सा सा
कां S क रि या S जी ना मा S रो S S मो S पे
सा रे ग S म́ ग म́ घ म́ ग रे ग रे
अं ग वा S S S ल ग जा S S वे S
म́ म́ ग ग घ S म́ घ सां S सां सां नी रें सां सां
सु न प S वे S मो री सा S स न न दि या S
सांरें गं रें सां S सां नी सां नी S घ नीघ प
दौ S ड़ी दौ S ड़ी च ल आ S S वे S

Read more...

तोडि - गरवा मैं संग लागी

Thursday, 6 June 2013

राग - तोडि
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
गरवा मैं संग लागी
लागी रे मीत पिहरवा
आनंद भयिलवा मोरे मंदिरवा ॥

अंतरा
सगरी रैन मोरे जागत बीती
भोर भयी सनपाली आवे
फुलवन सेज बिछा मोरे अंगना
रैस रैस घर जाओ पिहरवा ॥

लिपिबद्ध स्वर
X २ 0 ४
सा सा रे ग रे S सा ऩी
ग र वा S मै S सं ग
सा S सा S S S S S प S प S म́ प ध S
ला S गी S S S S S ला S गी S रे S S S
धम́ धम́ रे ग रे रे सा S सा सा सा सा ऩी सा ध̣ S
मी S त पि ह र वा S आ नं द भ यि ल वा S
ग S रे ग रे रे सा S
मो S रे मं दि र वा S
म́ म́ ग ध S ध म́ ध
स ग री रै S न मो रे
सां S सां सां नी रें सां सां नी S नी नी सां S सां रें
जा S ग त बी S ती S भो S र भ यी S स न
नी सां रें रें नी S ध S नी ध नी ध प S प प
पा S S ली आ S वे S फु ल व न से S ज बि
म́प ध म́ग ग रे ग रे सा सांरें गं गं रें S सां नी सां
छा S मो रे अं ग ना S रै S स रै S स घ र
ध S प ग रे ग रे सा
जा S ओ पि ह र वा S

Read more...

मारवा - लायी रे श्याम हमरे दूरिया

Wednesday, 5 June 2013

राग - मारवा
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
लायी रे श्याम हमरे दूरिया
मैं कैसे लाऊँ जल के गगरिया ॥

अंतरा
बाट घाट सब रोकत टोकत
अब ना रहूँगी मैं तोरी डगरिया ॥

लिपिबद्ध स्वर
x २ 0 ४
म́ ध म́ध म́ध म́ग रे सा सा
ला यी रे S S श्या S म
ऩीरे सा ऩी ध̣ ऩी ऩी रे S ऩी S रे S ग S म́ ध
ह म रे S दू रि या S मैं S कै S से S ला ऊँ
ध ध ध ध म́ध म́ग रेग म́ध
ज ल के ग ग रि या S
म́ S ग ध S म́ नी ध
बा S ट घा S ट स ब
सां S सां सां नी रें सां सां नी रें नी रें नी S ध S
रो S क त टो S क त अ ब ना र हूँ S गी S
म́ ध ध ध म́ध म́ग रेग म́ध
मैं तो री ग ग रि या S

Read more...

मियाँ मल्हार - अत धूम धूम धूम

Tuesday, 4 June 2013

रचना - क़ुतुब बक्ष 'तानरस ख़ान'
राग - मियाँ मल्हार
ताल - द्रुत एकताल


स्थायी
अत धूम धूम धूम
अत आयी बदरीया
उमड़ घुमड़ गरज गरज
बरसन को लागी ॥

अंतरा
पी पी करत पपीहा
तरसन लागे मोरा जियरा
'तानरस ख़ान'
ओ मोरे डिंगवा ॥

लिपिबद्ध स्वर
x 0 ३ 0 ५ ६
म रे
अ त
ऩी S ध̣ ऩी S ऩी सा S सा S ऩी प
धू S म धू S म धू S म S अ त
रे S S रे S सा रे प ग म
आ S S यी S ब द रि या S
प म प प नी ध नी सां नी सां नी सां
उ म ड़ घु म ड ग र ज ग र ज
नी रें सां नी प म रे S सा S
ब र स न को S ल S गी S
म S प S प नी ध नी सां नी सां S
पी S पी S क र त प पी S हा S
प नी ध नी सां सां नीरें सां S ध नी प
त र स न ला गे मो रा S जि य रा
म S रे प प नी ध नी नी सां S
- ता S न र स ख़ा S आS S न S
रें सां नी प म रे सा S S
- ओ मो रे डिं ग वा S S S

Read more...

तोडि - दय्याँ बट डूबर भयी

रचना - नियामत ख़ान 'सदारंग'
राग - तोडि
ताल - विलंबित एकताल


स्थायी
दय्याँ बट डूबर भयी
मैं का लंगरवा भरन देत ना गगरिया ॥

अंतरा
कैसे मैं जाऊँ विहान तोरे संग री सजनी
प्रीतम ठाड़ो ‘सदारंग’ उचकैय्या ॥

Pandit Ramasheya Jha 'Ramarang' version that has the sam on the pancham

Read more...

भैरव - बालमवा मोरे सैय्याँ

रचना - नियामत ख़ान 'सदारंग'
राग - भैरव
ताल - विलंबित एकताल


स्थायी
बालमवा मोरे सैय्याँ 'सदारंगीले' ॥

अंतरा
हूँ तो तुम बिन तरस गयीली
दरस बेग दिखाओ
ले हो बलय्याँ ॥

Pandit Dr.Nagaraja Rao Havaldar performs :

Read more...

भैरव - नाम करी मैं तो

राग - भैरव
ताल - विलंबित झपताल


स्थायी
नाम करी मैं तो
लेत मन भोरी
तब होवे निस्तार
दोवू जगत में ॥

अंतरा
कैसे हो मूँ से काला
आशा करत होवे
सिवा उसके और कौन
दोवू जगत में ॥

लिपिबद्ध स्वर
x २ 0 ४
ध ध प प ध म प मग मग मप
ना S म S क री S मैं S तो
ग रे रे रे सा ग रे रे रे सा
ले S त म न भो S S S री
सा रे ग ग म प ध नी नी सां
त ब हो S वे नि S स्ता S र
सांध धनीसां ध मप ध म प मग मग मप
दो S वू S ज ग त में S S
म प ध ध ध नी नी सांनी सांनी सांसां
कै S से S हो मूँ से का S ला
सांध नीनी सांनी सां रें नी सां ध ध प
आ S शा S क र त हो S वे
म पध मग मग म प ध नी नी सां
सि वा उ S स्के औ र कौ S न
सांध धनीसां ध मप ध म प मग मग मप
दो S वू S ज ग त में S S

Read more...

भैरव - जागो मोहन प्यारे

राग - भैरव
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
जागो मोहन प्यारे तुम
साँवरी सूरत तोरा मन ही भावे
सुंदर श्याम हमारे॥

अंतरा
प्रातः समय उठी भानोदय भयो
ग्वाल बाल सब भूपती आवे
तुम्हरे दरसवा को द्वारे ठाड़े
उठी उठी नंदकिशोर ॥

लिपिबद्ध स्वर
x २ 0 ४
ग म ध ध प ध म ग
जा S गो S मो S ह न
प प प प म प म ग ग ग ग रे ग म प म
प्या S रे S S S तु म साँ व री सू र त तो रा
ग रे ग म रे S सा S ऩी सा ग म प प प ध
म न ही S भा S वे S सुं S द र श्या S म ह
सां सां ध ध मप धप मग म
मा S S S S S रे S
म म ग म प प ध ध
प्रा S तः स म य उ ठी
सां सां सां सां सां नी रे सां सां नी नी ध नी नी रे सां
भा S नो S द य भ यो ग्वा S ल बा S ल स ब
सां सां नी सां नीसां रेंसां नी ध प ध प ध म प ग प
भू S प ती आ S वे S तु म्ह रे द र स वा को
ग रे ग म रे रे सा सा ऩी सा ग म प प ध ध
द्वा S रे S ठा S ड़े S उ ठी उ ठी नं S द कि
सां सां ध ध मप धप मग म
शो S S S S S र S


Pandit Dr.Nagaraja Rao Havaldar performs (drut khayal begins 22:10):

Read more...

भैरव - तोरे नगरिया चल बसिया पिया

राग - भैरव
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
तोरे नगरिया चल बसिया पिया
बाबुल के देस ना रहूँगी ॥

अंतरा
जो हम से कछु भूल भयो है
राखूँगी अपनी साथ
सास ननद की गारी सहूँगी॥

लिपिबद्ध स्वर
x २ 0 ४
सा ग S स ग म म म
तो रे S न ग रि या S
ग रे ग रे सा S सा S ग म ध ध प S ध S
च ल ब सि या S पि या बा S बु ल के S दे S
म गम प म रे S सा S
स ना S S र हूँ S गी S
म S ग म प S ध ध
जो S ह म से S क छु
सां सां सां सां नी रेंं सां S ध S ध S सां S सां सां
भू S ल भ यो S है S रा S खूँ S गी S अ प
नी सां नी सां नीसां रेंसां ध सां ग म ध ध प प ध म
नी S S S सा S थ S सा S स न न द की S
गम प ग म रे S सा S
गा S री स हूँ S गी S

Read more...

भैरव - धन धन मूरत कृष्ण मुरारी

राग - भैरव
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
धन धन मूरत कृष्ण मुरारी
सुलछ्छन गिरिधारी
छबी सुंदर लागे अति प्यारी ॥

अंतरा
बँसीधर मनमोहन सुहावे
बलबल जाऊँ मोरे मन भावे
सबरंग ग्यान बिचारी ॥

लिपिबद्ध स्वर
x २ 0 ४
ग म ध ध पम प म ग
ध न ध न मू S र त
रे S ग म रे S सा S सा ध̣ S ऩी S ऩी सा सा
कृ S ष्ण मु रा S री S सु ल S छ्छ S न गि रि
रे S सा S सा रे ग म प ध नी नी सां S ध प
धा S री S छ बि सुं S द र ला S गे S अ ति
गम पध नीसां रेंसां नीसां नीध मग म
प्या S S S S S री S
म S प S ध ध नी नी
बं S सी S ध र म न
सां सां सां सां नी रें सां S नी सां गं मं रें S सां S
मो ह न सु हा S वे S ब ल ब ल जा S ऊँ S
नी धं नी सां धं S प S ग म ग म प S ध प
मो रे म न भा S वे S स ब रं ग ग्या S न बि
गम पध नीसां रेंसां नीसां नीध मग म
चा S S S S S री S

Read more...

Popular Posts