Pages

दुर्गा - मनमोहन मुरलीवाला

Saturday, 10 August 2013

राग - दुर्गा
ताल - द्रुत तीनताल


स्थायी
मनमोहन मुरलीवाला
मुरलीवाला सखी है काला ॥

अंतरा
निस दिन जागो ध्यान धरत हे
मुनि निगमागम गुनी गावत हे
जित जैय्यो उत हम देखत है
सीस मुकुट गले वनमाला ॥

लिपिबद्ध स्वर
X २ 0 ४
प म ध S ध S म म रे सा
म न मो S ह न मु र ली S
रे ध̣ सा S S S सा सा म रे म म प प ध ध
वा S ला S S S मु र ली S वा S ला S स खी
ध पम म ध प S
है S का S ला S
ध ध म म प S सां ध
नि स दि न जा S गो S
सां S सां सां ध रें सां S सां सां ध ध सां S रें रें
ध्या S न ध र त है S मु नि नि ग मा S ग म
सां रें सांरें सां ध ध प S प प प S पध म प ध
गु नी गा S व त है S जि त जै S य्यो S उ त
म म रे सा रे ध̣ सा S सा मरे पम धप ध ध सां सां
ह म दे S ख त हे S सी S स मु कु ट ग ले
ध सां धसां रेंसां धसां धप म प
व न मा S ला S S S

0 comments:

Popular Posts